COMICS STRIPS

इस पेज पर आपको कॉमिक्स पात्रों पर हलके-फुल्के जोक्स या हास्य कथाएं मिल जाएँगी....तो हँसते-हँसते लोट-पोट होने के लिए तैयार हो जाइये ।  


लघु कथा-बलबिन्दर सिंह

1 May at 23:36

शक्तिमान राजनगर की एक ऊँची ईमारत में खड़ा है। जहाँ ध्रुव एक खतरनाक विलेन की साजिश का शिकार होकर आत्महत्या करके के लिए कूद जाता है। तभी शक्तिमान का हाथ ऊपर उठता है और वह गोल गोल घूमकर गीता के पास चला जाता है। बिल्डिंग से गिरकर ध्रुव की टें बोल जाती हैं।
बोलो सब मिलकर
जय महिष्मति।
खेल ख़त्म पैसा हजम।

  😜😜😜😜
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लघु कथा-बलबिन्दर सिंह

2 May at 15:31

महानगर का एक सुनसान इलाका जहाँ इक्के दुक्के लोग ही नजर आ रहे हैं। वो इक्के दुक्के लोग भी अपराधी प्रतीत हो रहे थे। एक के दायें गाल पर खरोंच का निशान था। तभी वहां एक शख्स ब्रीफकेस लेकर निकलता है।
शख्स-(स्वयं से ही बड़बड़ाते हुए)-"मुझे जल्दी बैंक से निकल आना चाहिए था। आजकल लूटपाट की वारदातें बढ़ती जा रही हैं।"
"अभी तुम कहाँ सुरक्षित हो।"
एक तरफ से आवाज आई। दो मवाली उसके सामने अचानक ही प्रकट हो गए।
"मुझे छोड़ दो। ये पैसा मेरे बूढ़े बाप के इलाज के लिए है।"-उस शख्स ने अपने बाप की दुहाई देते हुए कहा।
"अगर तेरे बाप की फिकर करेंगे तो हमारे बाप का क्या होगा? उसको भी तो सिटी सिनेमा में बाहुबली 2 देखनी है। जहाँ की टिकट 3000 रुपये है और पॉपकॉर्न उससे भी महंगे।"-एक मवाली ने उस शख्स से ब्रीफकेस छीनते हुए कहा।
"मेरा पैसा"-कहकर उस शख्स ने ब्रीफकेस छीनना चाहा पर अगले ही पल दूसरे मवाली का चाकू उसकी अंतड़ियों के दर्शन के लिए उसके पेट में घुस चुका था।
"अब ले ले बेटा ब्रीफकेस। समझदारी तो तुम जैसों को रास नहीं आती।" दूसरे मवाली ने ऐंठते हुए कहा।
फिर दोनों ही एक तरफ निकल लिए।
वारदात की सूचना नागराज तक पहुंची। और वह वहां पहुंचा। नागराज ने आसपास देखा। एक सांप मस्ती से सो रहा था।
नागराज-(डाँटते हुए)-"एक आदमीं का कत्ल हो गया और तुम सो रहे हो। मुझे मानसिक सन्देश क्यों नहीं भेजा।"
सर्प सैनिक-"भैया जी। यह जिओ नहीं है जो चलता जायेगा। महारा रिचार्ज खत्म हो गया है। वाई फाई सिग्नल बंद।"
नागराज-😳😳😳
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लघु कथा-बलबिन्दर सिंह
12 May at 10:28
स्थान-रूपनगर
समय-दिन के 11 बजे
एक अबला के पीछे तीन चार गुंडे भूखे भेड़ियों की तरह पड़े हुए थे जिनका मकसद शायद उसकी इज्जत को तार-तार करना था।
रूपनगर की ही एक कब्र में एक कौआ कर्कशाता है। पांच मिनट बाद एंथोनी कब्र फाड़कर निकलता है। और गुंडों को तड़पा तड़पाकर मार देता है।
अबला-(सिसकते हुए)-"आप एंथोनी हो न।"
एंथोनी-"हाँ"
अबला-"जहाँ तक मैंने आपके बारे में सुना है,आप तो मुर्दे हैं। दिन में कैसे कब्र से बाहर आ गए।"
एंथोनी-"क्या करूँ बहन। जब मानवता तार तार होती है तो मुर्दे को sun cream lotion का इस्तेमाल करके भी आना पड़ता है।"
अबला-😳😳😳
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लघु कथा-बलबिन्दर सिंह

2 May at 22:50 

कहानी जूनियर हाई स्कूल की है। नागराज और तिरंगा एक ही क्लास में पढ़ रहे हैं। दोनों पक्के चड्डी यार हैं। पर एक और जहाँ नागराज डेढ़ श्याणा है वहीं तिरंगा पक्का देशभक्त है। और देशभक्ति से बड़ा किसी को नहीं मानता। पर दोनों पक्के छिछोरे भी हैं।
अप्रैल का महीना है। न्यू एडमिशन स्टार्ट हो गए हैं।
नागराज-"यार तिरंगा, पूरा साल हो गया कोई बढ़िया लड़की नहीं आई क्लास में। "
तिरंगा-"हाँ यार, वही थकेली लड़कियां देख-देख कर ऊब चुका हूँ। कुछ आँखों में ठण्ड पड़ जाए तो मजा आ जाये।"
तिरंगा के मुंह में जैसे सरस्वती विराजमान थी। जैसे ही उसने इतना कहा। वैसे ही एक सुन्दर लड़की ने स्कूल में एंट्री मारी।
नागराज-वाओ यार, व्हाट अ पीस। 😍😍😍
तिरंगा-"हाँ यार 😍😍😍"
तिरंगा और नागराज तो छिछोरे थे ही, पहुँच गए उसके पास।
नागराज-"सुंदरी क्या मैं आपका नाम जान सकता हूँ।😍😍😍"
लड़की-"नहीं,"
तिरंगा-🤣🤣🤣🤣
(सिरियस होकर)-"आप डरिये नहीं। हमें अपना दोस्त समझिये। चलिए नाम छोड़िये आप रहती कहाँ है?"
लड़की तिरंगा की शराफत देखकर धीरे से बोली-"सेक्टर 7 में।"
तिरंगा-व्हाट अ को-इंसिडेंट। मैं भी वहीं रहता हूँ। सेक्टर सेवन में कहाँ?
लड़की-"व्हाइट मून बिल्डिंग फोर्थ फ्लोर।"
तिरंगा-"यह कैसे हो सकता है।(तिरंगा ने एक और दाव फेंका)-मैं थर्ड फ्लोर में रहता हूँ। पर आपको कभी देखा नहीं मैंने।"
लड़की-"एक्चुली मैं परसों ही अपने अंकल के घर से आई हूँ।"
तिरंगा-"आपके अंकल कहाँ रहते हैं?
लड़की-"मुम्बई।"
तिरंगा-"ओके दिव्या बाद में मिलते हैं।"
लड़की-"मेरा नाम सुमन है।"
तिरंगा-"ओह सॉरी। फिर भी शाम को मिलते हैं।"
लड़की-"ओके"
लड़की चली जाती है।
नागराज-"कमाल है यार तूं तो बड़ा कमाल का बंदा निकला यार। नाम अड्रेस सब पूछ लिया। पर तूं तो सेक्टर सेवन नहीं रहता फिर झूठ क्यों बोला।"
तिरंगा-"यह अपना स्टाइल है नागू। अगर उसे बता देता कि मैं दिल्ली छोड़कर तेरे साथ महानगर की झोपड़पट्टी में रहता हूँ तो क्या इज्जत रह जाती मेरी।"
नागराज-😡😡😡😡
एक बात बता तूँ सच्चा देशभक्त है।"
तिरंगा-"कोई शक।"
नागराज-"नाह मैं नहीं मानता। खा भारत माता की कसम।"
तिरंगा
-"कसम भारत माता की। मेरे लिए देशभक्ति से बढ़कर कुछ नहीं।"
नागराज-"तब तो अपना रास्ता साफ़ है।"
तिरंगा-"कैसे?🤔🤔"
नागराज-"हम रोज क्या प्रतिज्ञा करते हैं पी.टी में।"
तिरंगा-"यही कि मैं प्रतिज्ञा करता हूँ कि भारत मेरा देश है। हम सभी भारत वासी भाई बहन हैं।"
नागराज-हाँ अब फंसा। अब सुमन कहाँ रहती है?"
तिरंगा-"सेक्टर सेवन।"
नागराज-सेक्टर सेवन भी तो इण्डिया यानी भारत में है।
तिरंगा-"तो????"
नागराज-"तो सुमन आज से तेरी बहन। मेरा रास्ता साफ़। (ललकारे मार के)- बुर्रर्रर्रर्ररा
ह।
तिरंगा-😳😳😳😳😳

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लघु कथा-बलबिन्दर सिंह
17 May at 05:38

सब हिरोज बाल रूप में हैं और उन्हें प्रिंसिपल तीर से निशाना लगाना सीखा रहा है।
प्रिंसिपल-(तिरंगा से)-"तुम्हें पेड़ के पास क्या दिखाई दे रहा है।"
तिरंगा-"मुझे तो पेड़ के पास नागराज दिख रहा है।"
प्रिंसिपल-"बेवकू
फ तुम्हारे बस की बात नहीं।"
दरअसल प्रिंसिपल ने पेड़ पर एक चिड़ियां टांगी थी जिसकी आँख में निशाना लगाकर छेद करना था।
प्रिंसिपल-(स्टील से)-"तुम्हें क्या दिख रहा है स्टील।"
स्टील-'मुझे अपने कैमरे में कुछ फाल्ट दिख रहा है। अनीस से ठीक करवाना पड़ेगा।"
प्रिंसिपल-"एक से बढ़कर एक मुर्ख हैं यहां। बेवकूफ पेड़ पर क्या दिख रहा है?"
स्टील-"मधुमक्खी का छत्ता मतलब शहद। यम यम 😋😋😋"
प्रिंसिपल-"भागो यहाँ से हरामखोर। टीन का डिब्बा कहीं का। (ध्रुव से)-बेटा ध्रुव तुम्हें पेड़ पर क्या दिख रहा है जिसपर निशाना लगाना है।"
ध्रुव-"मुझे तो हर जगह नताशा और ऋचा ही दिखती हैं। 😍😍😍😍"
प्रिंसिपल-"इस हरामखोर को भी प्यार का बुखार चढ़ा रहता है। (परमाणु से)-बेटा तुम्हें क्या दिख रहा है।"
परमाणु-"मुझे आपके गंजे सर पर एक बाल दिख रहा है। 😜😜😜😜"
प्रिंसिपल-"शटअप। बद्तमीज । क्या यही सिखाता हूँ मैं तुम्हें?"
परमाणु-"यही तो मुसीबत है। आप कुछ नहीं सिखाते । किलर मैम के पीछे पड़े रहते हो।"
प्रिंसिपल-"शटअप गेट लॉस्ट फ्रॉम हेयर। (डोगा से)-डोगू पुत्तर तुम समझदार हो। तुम बताओ तुम्हें क्या दिख रहा है?"
डोगा-"मुझे पेड़ पर तो चिड़िया दिख रही है पर निशाना है छेद। ऍम आई टाईट सर।"
प्रिंसिपल-"टाइट नहीं पुत्तर राईट। पर तूने जो कहा वह बिल्कुल ठीक है। बाकी तो सब हरामखोर हैं। पुत्तर अब देर न कर लगा दे निशाना।"
डोगा ने लक्ष्य साधा और छोड़ दिया तीर।
तभी किसी की जोरदार चिल्लाने की आवाज आई।
सामने से नागराज चला आ रहा है और उसके पिछवाड़े में तीर घुसा है।
नागराज-(गुस्से में)-"तीर किस सूरदास ने छोड़ा बे।"
डोगा-"मैंने ! पर मुझे प्रिंसी ने कहा था।"
प्रिंसिपल-"पर मैंने तो तुझे छेद पर निशाना लगाने को कहा था।"
डोगा-""वही तो किया। नागराज की चड्डी में एक छेद था। लगा दिया निशाना।"
प्रिंसिपल-😳😳😳😳 


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2 comments:

  1. अच्छा लगा बहोत दिन बाद बचपन की याद ताजा हो गयी आप सब को दिल से धन्यवाद

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  2. can anyone illustrate nagraj erotic ??

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